संजीव जीवा के हत्यारोपी विजय पर दर्ज हैं 2 केस, कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं

लखनऊ

कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को लखनऊ कोर्ट परिसर में गोली मारने वाला विजय यादव जौनपुर का रहने वाला है। विजय के खिलाफ जौनपुर और आजमगढ़ में दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार विजय का कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

केराकत कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के रहनेवाले श्याम यादव के चार बेटों में सबसे बड़ा स्वतंत्र यादव दिल्ली में रहकर काम करता है। दूसरे नम्बर का विजय यादव (24 )है। तीसरे नम्बर का सत्यम 11 वीं और चौथा सुंदरम नौवीं में पढ़ता है। श्याम की पत्नी निर्मला गृहिणी हैं। बुधवार को जीवा की लखनऊ में हत्या में विजय यादव का नाम आया तो गांव में हड़कंप मच गया।

केराकत के सीओ गौरव शर्मा पुलिस टीम के साथ शाम को विजय के घर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार घर पर विजय के पिता श्याम यादव और दो भाई मौजूद थे। विजय के गिरफ्तार होने की जानकारी श्याम यादव को नहीं थी। देर शाम सात बजे तक पुलिस विजय यादव के बारे में परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ करती रही।

किशोरी से दुष्कर्म में काट चुका है छह माह की जेल
जौनपुर के केराकत कोतवाली और आजमगढ़ के देवगांव थाना में विजय यादव के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार 2016 में बीकॉम की पढ़ाई के दौरान विजय यादव पर किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म का मामला आजमगढ़ के देवगांव थाने में दर्ज हुआ था। धारा 363 व 376, पास्को एक्ट के तहत केस में विजय छह माह तक आजमगढ़ जेल में रहा। इस मामले में दो माह पहले ही सुलह के जरिए मुकदमा समाप्त हुआ था। दूसरा मुकदमा केराकत कोतवाली में 2020 में पराली जलाने के आरोप में धारा 188,269, कोविड आईपीसी के तहत दर्ज हुआ था।

 

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