साइबर सुरक्षा-शिष्टाचार प्रशिक्षण कोर्स को अगस्त तक बढ़ाया, ट्रेनिंग लेना अनिवार्य

भोपाल
 

प्रदेश के सभी स्कूलों में कार्यरत कम्प्यूटर डाटा एंट्री ऑपरेटों को साइबर सुरक्षा अनुपालन और शिष्टाचार पर ई लर्निंग प्रशिक्षण दिया जाना है लेकिन ऑपरेटर इसमें रुचि ही नहीं ले रहे है। अभी तक आधे ऑपरेटरों ने भी प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है।

संचालक लोक शिक्षण ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर साइबर सुरक्षा अनुपालन और शिष्टाचार पर ई लर्निंग प्रशिक्षण कोर्स में कम्प्यूटर ऑपरेटरों द्वारा पर्याप्त संख्या में भाग नहीं लेने पर नाराजगी जताई है। इस कोर्स को अगस्त तक बढ़ाया गया है। सभी को इसमें प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।

सायबर सूचना और बाल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तथा भारत सरकार द्वारा जारी निर्देर्शो के अनुपालन में विभाग में आउटसोर्स पर कार्यरत कम्प्यूटर डॉटा एंट्री ऑपरेटरों को यह प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश है। एमपी कॉन के माध्यम से यह प्रशिक्षण दिया  जा रहा है। कई जिलों में नामांकन की स्थिति लक्ष्य से काफी कम है। जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि शालाओं में कार्यरत शेष आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटरों को इस प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए निर्देशित करें।

इंदौर सहित नौ जिलों में एक ने भी नहीं लिया प्रशिक्षण
प्रदेश के 52 जिलों के स्कूलों में 2795 कम्प्यूटर डॉटा एंट्री आपरेटर कार्यरत है इनमें से अभी 1014 ने ही प्रशिक्षण लिया है और अभी भी 1781 का प्रशिक्षण होना बाकी है। झाबुआ , मंडला, खरगौन, बड़वानी, पन्ना, अशोकनगर, निवाड़ी,बुरहानपुर, इंदौर में स्थिति सबसे खराब है। यहां एक भी कम्प्यूटर ऑपरेटर ने प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है। वहीं डिंडौरी, आगर मालवा, राजगढ़, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा  में एक-एक, शहडोल,अलीराजपुर में दो-दो, श्योपुर अनूपपुर, ग्वालियर, उमरिया  में तीन-तीन,टीकमगढ़ में चार, दतिया, दमोह में पांच-पांच ऑपरेटरों ने ट्रेनिंग ली है।

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